8th Pay Commission: ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी मांगों की एक मजबूत लिस्ट पेश की है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 3.0 से लेकर पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली तक शामिल है। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ये मांगें वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़ा उछाल ला सकती हैं।
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में जबरदस्त उत्सुकता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अच्छी सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद है। आयोग के काम शुरू होने के बाद ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ के आधार पर करीब 18 महीनों में सिफारिशें आने की संभावना है। हालांकि, लागू होने की तारीख को लेकर अभी असमंजस है।
1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने साफ मांग की है कि वेतनमान, पेंशन, भत्तों और अन्य लाभों में संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उन्हें पूरी एरियर राशि मिलेगी और कोई नुकसान नहीं होगा। AITUC ने आयोग की वेबसाइट पर अपलोड 18 सवालों के जवाब में ये मांग रखी है।
एरियर को लेकर क्या कहता है पिछला रिकॉर्ड?
पिछले वेतन आयोगों से सबक लेते हुए कर्मचारी एरियर पर जोर दे रहे हैं। 7वें वेतन आयोग में संशोधित वेतन जुलाई 2016 से लागू हुआ, लेकिन जनवरी 2016 से 6 महीने का एरियर दिया गया। इसी पैटर्न पर 8वें आयोग की सिफारिशें अगर 2027 के अंत या 2028 में लागू होती हैं, तो भी जनवरी 2026 से एरियर मिलने की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक फायदा होगा।
AITUC की प्रमुख मांगें AITUC ने 8वें वेतन आयोग के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.0 करने की मांग, जिससे बेसिक पे में भारी इजाफा हो।
- नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग।
- हर 5 साल में पेंशन में 5% की बढ़ोतरी।
- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सालाना इन्क्रीमेंट कम से कम 6% करने का प्रस्ताव (वर्तमान 3% से दोगुना)।
- परिवार की यूनिट को 3 की जगह 5 मानने की मांग, जिससे बेसिक पे बढ़े।
- पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि 15 साल से घटाकर 11-12 साल करने का सुझाव।
- 30 साल की नौकरी में कम से कम 5 प्रमोशन देने की मांग।
- इंटरनेट जैसी तकनीकी जरूरतों का खर्च वेतन का हिस्सा बनाने की मांग।
- लीव एनकैशमेंट को 300 दिनों से बढ़ाकर 450 दिनों तक करने का प्रस्ताव।
- हाई-रिस्क सर्विसेज (जैसे रेलवे, डिफेंस सिविल) के लिए ज्यादा मुआवजा और बेहतर लाभ।
- DA कैलकुलेशन में संशोधन और कैशलेस मेडिकल सुविधा।
- एक्सीडेंट कवर को 2 करोड़ तक बढ़ाने की मांग।
कर्मचारियों की नजर आयोग की सिफारिशों पर कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत ला सकता है।
AITUC की मांगें अगर मान ली जाती हैं तो वेतन में 3 गुना तक का इजाफा, पुरानी पेंशन की वापसी और करियर में ज्यादा प्रमोशन जैसे फायदे मिल सकते हैं। हालांकि, सरकार पर फिस्कल प्रेशर बढ़ सकता है। अब सभी की नजर आयोग की सिफारिशों, उनके लागू होने की समयसीमा और एरियर पर टिकी हुई है। कर्मचारी संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि 1 जनवरी 2026 से ही लाभ मिले।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक अधिसूचना या सरकारी स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।

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