Gaon Gwala Yojana Rajasthan: राजस्थान की धरती पर एक नई सुबह का आगाज हुआ है, जहां पुरानी परंपराएं आधुनिक रूप में लौट रही हैं। वह पुरानी तस्वीर, जिसमें गांव का ग्वाला सुबह-सवेरे गायों को गोचर भूमि की ओर ले जाता था, अब फिर से जीवंत हो रही है।
लेकिन इस बार यह सिर्फ रिवाज नहीं, बल्कि एक सरकारी योजना का मजबूत हिस्सा है। जहां गायों की देखभाल करने वाले को नियमित ‘सैलरी’ मिलेगी। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि राजस्थान सरकार की ‘गोवर्धन गांव ग्वाला योजना’ की हकीकत है, जिसका शुभारंभ हाल ही में हुआ।
Gaon Gwala Yojana Rajasthan का शुभारंभ: आध्यात्मिक आशीर्वाद के साथ नया अध्याय
रविवार को कोटा जिले के रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के खेड़ली गांव (चेचट) में इस योजना की शुरुआत हुई। इस मौके पर श्रीराम स्नेही संप्रदाय, शाहपुरा पीठ के पूज्य जगतगुरु स्वामी रामदयाल जी महाराज मौजूद रहे।
सुबह कोटा के दादाबाड़ी स्थित आवास पर जगतगुरु के दर्शन के बाद दोनों खेड़ली पहुंचे। मंच पर रामगंजमंडी के 14 गांवों के नवनियुक्त ग्वालों का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया गया। जगतगुरु महाराज ने इन ग्वालों को अपना विशेष आशीर्वाद दिया, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
यह योजना गोवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। प्राचीन समय में गांव ग्वाला की व्यवस्था आम थी, जहां ग्वाला को अनाज या अन्य रूप में बदला मिलता था। अब इसे आधुनिक ढांचे में लाकर सरकारी मान्यता दी जा रही है।
ग्वालों की जिम्मेदारियां और सुविधाएं (Gaon Gwala Yojana Rajasthan)
योजना के तहत हर चयनित गांव में एक ‘गांव ग्वाला’ नियुक्त किया जाएगा। इनकी मुख्य जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं-
- सुबह गांव की सभी गायों को एकत्र करना।
- उन्हें गोचर भूमि पर ले जाकर दिनभर चराना।
- शाम को सभी गायों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाना।
इस सेवा के एवज में ग्वालों को मासिक मानदेय दिया जाएगा। शुरुआती चरण में यह राशि करीब 10,000 रुपये प्रति माह निर्धारित है। फिलहाल योजना रामगंजमंडी के 14 गांवों में शुरू हुई है। जहां एक गांव में 70 से अधिक गायें हों, वहां एक ग्वाला और अधिक संख्या होने पर दो ग्वाले भी नियुक्त किए जा सकते हैं।
व्यवस्था मुख्य रूप से गांव के दानदाताओं, स्थानीय सहयोग और सामुदायिक प्रयासों से चलेगी। गांव स्तर पर एक निगरानी समिति भी बनाई जाएगी ताकि योजना सुचारु रूप से चल सके।
रिज़र्व बैंक की नई गाइडलाइन: 16 फरवरी से बदल गई बैंकिंग की दुनिया, अब आपकी एक गलती पड़ सकती है भारी।
यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार का अवसर लेकर आई है। ग्रामीण इलाकों में जहां गोवंश पालन आम है, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण गाय चराने की परंपरा कम हो गई थी, वहां यह योजना पुरानी व्यवस्था को नई ताकत दे रही है। इससे गायों की बेहतर देखभाल, गोचर भूमि का सही उपयोग और गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
पूरे राजस्थान में फैलने की तैयारी (Gaon Gwala Yojana Rajasthan)
योजना की शुरुआत रामगंजमंडी से हुई है, लेकिन इसे जल्द ही पूरे राजस्थान में लागू करने की योजना है। अन्य जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में भी इसे विस्तार दिया जाएगा।
यह गो संवर्धन के प्रति सरकार की गंभीरता को दिखाता है, जहां पुरानी परंपराओं को आर्थिक सहारा देकर मजबूत बनाया जा रहा है।
इस योजना से न केवल गोवंश की रक्षा होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। ग्वाले को नियमित आय मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, वहीं पशुपालकों को गाय चराने की चिंता से मुक्ति मिलेगी। वे अपने अन्य कामों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। आध्यात्मिक महत्व के साथ यह आर्थिक नवाचार राजस्थान के गांवों में नया बदलाव ला रहा है।
जैसे-जैसे योजना का दायरा बढ़ेगा, उम्मीद है कि गोवंश संरक्षण में एक नई क्रांति आएगी और गांवों में सदियों पुरानी परंपराएं फिर से मजबूती से स्थापित होंगी। राजस्थान की यह अनोखी पहल संस्कृति और विकास को एक साथ जोड़ने का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही है।
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। गांव ग्वाला योजना से संबंधित सैलरी, पात्रता, नियम, और आवेदन प्रक्रिया समय और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बदल सकती है। किसी भी निर्णय से पहले राजस्थान सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन, संबंधित विभाग या अधिकृत वेबसाइट से सही और नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें। लेखक किसी भी प्रकार की कानूनी या वित्तीय जिम्मेदारी का दावा नहीं करता।
Read More: लाड़ली बहनों के लिए ₹1500 की किस्त फिक्स, क्या ₹3000 तक बढ़ेगी राशि? जानें सरकार का प्लान।

My name is Raman Roy and passionate news editor and content strategist with a keen eye for accuracy, clarity, and impactful storytelling. With extensive experience in covering news, current affairs, business, technology, and trending topics, Raman Roy ensures every article delivers reliable information in a reader-friendly format. I have 4 years of experience in Content writing and currently i am with bootlab.in